google.com, pub-8785851238242117, DIRECT, f08c47fec0942fa0 श्रीहनुमान चालीसा चौपाई 14 का हिंदी अनुवाद। Hanuman chalisa chaupayi 14 hindi translation. - पौराणिक दुर्लभ कथाएं

भारत एक बहुत आध्यात्मिक देश है। यंहा हिन्दू सभ्यता विश्व की सबसे पुरानी सभ्यता है। यह वेदों ,पुराणों, प्राचीन मंदिरों, धार्मिक स्थलों का देश है। भारत के मंदिरों और देवी देवताओं की प्राचीन एवम दुर्लभ कथाये है जिसे यंहा प्रस्तुत किया गया है। आध्यात्मिक कथाये, दुर्लभ कथाये, मंदिरो की कथाये, ज्योतिर्लिंग की कथाये।

27 September, 2020

श्रीहनुमान चालीसा चौपाई 14 का हिंदी अनुवाद। Hanuman chalisa chaupayi 14 hindi translation.

 


श्री हनुमान चालीसा Hanuman Chalisha:


श्री हनुमान चालीसा के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जी है जिन्होंने अवधि भाषा मे "श्रीरामचरितमानस" की रचना की थी, गोस्वामी जी ने श्रीराम के परम भक्त और अतुलित बल एवं बुद्धि के स्वामी श्रीहनुमान जी के वर्णन में हनुमान चालीसा की रचना की थी। गोस्वामी जी कहते है "हरि अनंत हरि कथा अनंता" अतः चालीसा का सम्पूर्ण वर्णन तो असंभव है इसलिए अपने ज्ञान अनुआर अर्थ है:



 ॥चौपाई 14॥
                                                           सनकादिक ब्रम्हादि मुनीसा । नारद सारद सहित अहीसा ।। 14 ।।

अर्थ

तुलसीदासजी यहाँपर यह कहना चाहते हैं कि श्री हनुमानजी की प्रशंसा केवल भगवान रामने ही नहीं की अपितु सृष्टि के सर्जक ब्रम्हाजी तथा ब्रम्हाजी द्वारा उत्पन्न मानसपुत्र सनकादिक मुनि (श्रीसनक, श्रीसनातन,श्रीसनन्दन, एवं श्री सनत्कुमार), भगवान के मन के अवतार श्री नारदजी तथा आदिशक्ति माता सरस्वतीजी इत्यादि सभी हनुमानजी के गुणोंका गुणगान करते हैं । वे कहते हैं कि हम भी श्री हनुमानजी के गुणोंका तथा यश का वर्णन पूरी तरह से नहीं कर सकते, भक्ति की ऐसी परमोच्च स्थिति हनुमानजीने अपने कतृ‍र्त्व से प्राप्त की।




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