भारत एक बहुत आध्यात्मिक देश है। यंहा हिन्दू सभ्यता विश्व की सबसे पुरानी सभ्यता है। यह वेदों ,पुराणों, प्राचीन मंदिरों, धार्मिक स्थलों का देश है। भारत के मंदिरों और देवी देवताओं की प्राचीन एवम दुर्लभ कथाये है जिसे यंहा प्रस्तुत किया गया है। आध्यात्मिक कथाये, दुर्लभ कथाये, मंदिरो की कथाये, ज्योतिर्लिंग की कथाये।

02 March, 2019

भारतीय कैलेंडर: विक्रम संवत और शक संवत। Shak Samvat and Vikram Samvat in hindi

भारतीय कैलेंडर Indian Calendar:


समस्त विश्व में अनेक धर्मो और सभ्यताओं के अनुसार अलग अलग कैलेंडर का इस्तेमाल किया जाता है। इसी तरह भारत मे भी अनेक प्रकार के कैलेंडर का उपयोग होता है। इन सभी कैलेंडर की अपनी मान्यता और काल चक्र की गड़ना है। परंतु इन सभी मे दो शक संवत और विक्रम संवत की मान्यता सबसे अधिक है ये हिन्दू कैलेंडर है। इनमें साल में बारह महीनों और सप्ताह में सात दिन की पद्यति है। और इन दोनों में काल गड़ना चंद्र चक्र के अनुसार है। दुनियाभर भर में सभी कैलेंडर की काल गड़ना दो पद्यतियों से होती है एक सौर चक्र और दूसरी चंद्र चक्र।
भारत में औपचारिक रूप से सन् 1957 में ग्रेगोरियन कैलेंडर को लागू किया गया क्योंकि सारे विश्व मे इसी कैलेंडर का स्तेमाल किया जाता था, अतः सारे देश मे दिन और तारीख के साथ साथ छुट्टियां भी इसी ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार तय की जाती है। 
भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर शक संवत है, जिसकी रचना 78ई वर्ष पूर्व हुआ था अतः यह कैलेंडर ग्रेगोरियन कैलेंडर से 78 वर्ष अधिक है। इसी प्रकार ग्रेगोरियन कैलेंडर से विक्रम संवत की 57 वर्ष पूर्ण रचना मानी जाती है जब विक्रमादित्य ने उज्जैन को अपनी राजधानी बनाये और उसके बाद इस कलेंडर को मान्यता दी इसी लिए इसे विक्रम संवत कहा जाता है। और यह कैलेंडर शक संवत से ज्यादा प्रचलित है जबकि शक संवत को राष्ट्रीय पंचांग घोसित किया गया है।

शक संवत और विक्रम संवत में अंतर Difference between Shak samvat and Vikram samvat:

शक संवत और विक्रम संवत दोनों ही प्राचीन हिन्दू कैलेंडर है। जिनकी रचना प्राचीन समय मे चन्द्र चक्र के अनुसार है। इन दोनों ही कैलेंडर में महीनों और नाम एवं गिनती समान है साथ ही दोनों में नियम भी समान है।
परंतु दोनों में एक ही अंतर सबसे प्रमुख माना जाता है। विक्रम संवत में महीने की सुरुआत की गड़ना पूर्णिमा से और शक संवत में अमावस्या से की जाती है। शक संवत राष्ट्रीय कैलेंडर या पंचांग होते हुए भी विक्रम संवत अधिक प्रचलित है।

भारतीय पंचांग अनुसार नव वर्ष, माह, और दिवस के नाम New year, Month and Days name according to Hindu or Indain calendar:

भारतीय पंचांग के अनुसार नव वर्ष की सुरुआत चैत्र मास से होती है, इस दिन दे साल के तीनों मौसम का की समाप्ति बाद नए साल के नए मौशम की सुरुआत होती है।  देश भर के अलग अलग प्रदेशों में प्रचलित कई पर्व भी इसदिन मनाए जाते है जैसे गुड़ी पड़वा और चैत्र नवरात्रि आदि।
भारतीय पंचांग के अनुआर माह/ मास के नाम इस प्रकार है 
१) चैत्र
२) बैशाख
३) जेष्ठ
४) आषाढ़
५) सावन
६) भाद्रपक्ष
७) अश्विन/कूमार
८) कार्तिक
९) अगहन/मार्गशीर्ष
१०) पौष
११) माघ
१२) फाल्गुन

ग्रेगोरियन कैलेंडर में सप्ताह की सुरुआत Mondey से तथा हिन्दू या भारतीय पंचांग में सप्ताह की सुरुआत रवीवार से होती है। दिवस के नाम इस प्रकार है:
१) रविवार
२) शोमवार
३) मंगलवार
४) बुधवार
५) गुरुवार
६) शुक्रवार
७) शनिवार


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