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14 March, 2019

बाली और सुग्रीव के जन्म की रोचक कथा। Intresting Birth story of Bali and Sugriv.

बाली और सुग्रीव का परिचय Introduction of Bali and Sugriv:




बाली और सुग्रीव वानर कुल ने जन्मे परमवीर सगे भाई थे, जिनकी कथा का वर्णन रामायण में मिलता है। बाली और सुग्रीव के लौकिक पिता का नाम वानर राज ऋछराज था परंतु दोनों के औरस पिता अलग अलग थे, जहां बाली के औरस पिता देवराज इंद्र थे वही सुग्रीव के पिता सूर्य देव थे। दोनों भाई परम बलवान थे तथा इनके पराक्रम की कई कथाओ का वर्णन अनेक ग्रंथो एवं पुराणो में मिलता है। बाली की पत्नी का नाम तारा तथा पुत्र का नाम अंगद था। सुग्रीव कि पत्नी का नाम रूमा या रोमा था।
रामायण के अनुसार भगवान राम ने सुग्रीव से मित्रता की तथा बाली का वध करके उसका राज्य एवं पत्नी दिलवाए। और श्रीराम की अगुवाई में सुग्रीव की वानर सेना ने लंका में चढ़ाई कर युद्ध जीत कर माता सीता को मुक्त करवाया।


बाली और सुग्रीव की जन्म की कथा Birth Story of Bali and sugriv:


ऋछराज वानरों का राजा तथा बहुत ही वलवान एवं पराक्रमी था। वह अपने बल के मद में ऋषिमुख पर्वत के आसपास विचरता रहता था। उसी ऋषिमुख पर्वत के पास एक सरोवर था जिसमे स्नान करने से कोई भी व्यक्ति का शरीर सुंदर स्त्री का बन जाता था। यह बात ऋछराज को पता नही थी , अतः उसने एक दिन उत्साह में उस सरोवर में छलांग लगा दी। जब वह बाहर आया तो उसका स्वरूप एक अतिसुन्दर स्त्री का हो गया। उसे इस रूप को देखकर बहुत शर्म आयी परंतु वह कुछ नही कर सकता था।
उसी समय वहां देवराज इंद्र गुजर रहा था जिसकी नजर ऋछराज के स्त्री स्वरूप पर पड़ी और उसके सौंदर्य को देखकर स्खलित हो गये, तथा उसका वीर्य उस स्त्री के बालों पर गिरा जिससे बाली का जन्म हुआ।
वही अगले दिन जब सुर्योदय हुआ तो सूर्य देव भी उस स्त्री के सौंदर्य को देखकर मोहित हो गए और वीर्य स्खलित हो गया जो उस स्त्री में ग्रीवा(गर्दन या गला) में गिरा जिसके कारण सुग्रीव का जन्म हुआ।
उसके बाद ऋछराज ने उसी स्त्री स्वरूप में ही दोनों का पालन किया, जो उन दोनों बाली और सुग्रीव के पिता तथा माता थे परंतु दोनों इंद्र तथा सूर्य के औरस पुत्र थे।

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