भारत एक बहुत आध्यात्मिक देश है। यंहा हिन्दू सभ्यता विश्व की सबसे पुरानी सभ्यता है। यह वेदों ,पुराणों, प्राचीन मंदिरों, धार्मिक स्थलों का देश है। भारत के मंदिरों और देवी देवताओं की प्राचीन एवम दुर्लभ कथाये है जिसे यंहा प्रस्तुत किया गया है। आध्यात्मिक कथाये, दुर्लभ कथाये, मंदिरो की कथाये, ज्योतिर्लिंग की कथाये।

20 February, 2019

भगवान विष्णु का दसवां अवतार :कल्कि अवतार। Story of Kalki avtar in hindi.

कल्कि अवतार Kalki Avtar:

उत्तर प्रदेश के संभल मंदिर कि प्रतिमा
भगवान विष्णु दसवे अवतार के रूप में अवतरित होंगे तब उनका नाम कल्कि होगा, भगवान विष्णु का यह कल्कि अवतार कलगुग के अंत मे होगा जिसमें वो पापियों और दुष्ट प्राणियों का संघार करेंगे। भगवत पुराण के साथ साथ बहुत से अन्य पुराणों में भी भगवान विष्णु के इस अवतार के बारे में विस्तार से बताया गया है। यह बताया गया है कि इनके अवतार के बात युग का परिवर्तन होगा , अर्थात कलयुग की समाप्ति हो जाएगी और सतयुग पुनः आएगा। इनके अवतार का मुख्य उद्देश्य विश्वकल्याण होगा।
भागवत पुराण के अनुसार भगवान विष्नु का यह कल्कि अवतार चंदौली ग्राम में एक ब्राह्मण के पांचवे पुत्र के रूप में होगा तथा वे स्वेत देवदत्त नामक घोड़े पर अरुण होकर अपनी तलवार से दुस्टों का संहार करेंगे।
भागवत पुराण और विष्णु पुराण में कल्कि अवतार का विस्तार में वर्णन किया गया है, और कल्कि पुराण तो इसी अवतार पर केंद्रित है जिसमे जन्म, गुरु , माता पिता, पत्नियों और बच्चों का विस्तार में वर्णन किया गया है।

कल्कि अवतार में मतभेद:

कई विद्ववानों और जानकारों ने भगवान विष्णु पे इस अवतार पर बड़े मतभेद व्यक्त किये है। क्योंकि अभी कलयुग का प्रथम चरण चल रहा है फिर अभी से उनके मंदिर और पूजा के बारे में यक्तव्य। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कलयुग की समय अवधि 4 लाख 32 हजार साल की बताई जाती है और कलयुग को लगभग 5 हजार साल हुए है।
कुछ इतिहासकारो का मानना है कि कल्कि अवतार हो चुका है, क्योंकि उनके स्वरूप की जिस तरह व्याख्या की गई है वह अतीत में ही संभव था। कुछ का कहना है कि पुराणों के अनुसार महाऋषि व्यास भगवान विष्णु के अवतार थे और गौतम बुद्ध का उन पुराणों में विवरण नही है , तो हो सकता है ऋषि व्यास नवमें और गौतम बुद्ध दसवे अवतार हो।

भगवान कल्कि में मंदिर

सर्व प्रथम जयपुर में सवाई जयसिंह ने 1739 में पुराणों की व्याख्या के अनुसार बनवाया था। इसके अलावा भारत के कई स्थानों में कल्कि स्वरूप के मंदिर है। उत्त्तर प्रदेश के संभल में कल्कि अवतार का बहुत बड़ा और प्रसिध्द मंदिर है।
ऐसे तो आजकल उनपर बहुत से भक्ति गीत, मंत्र पुस्तक आदि बन और छप रही है। उनके नाम पर कई संगठन भी बन रहे है जो प्रचार प्रसार कर रहे है।



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