भारत एक बहुत आध्यात्मिक देश है। यंहा हिन्दू सभ्यता विश्व की सबसे पुरानी सभ्यता है। यह वेदों ,पुराणों, प्राचीन मंदिरों, धार्मिक स्थलों का देश है। भारत के मंदिरों और देवी देवताओं की प्राचीन एवम दुर्लभ कथाये है जिसे यंहा प्रस्तुत किया गया है। आध्यात्मिक कथाये, दुर्लभ कथाये, मंदिरो की कथाये, ज्योतिर्लिंग की कथाये।

24 March, 2019

सनातन धर्म और हिन्दू धर्म। Sanatan dharm or Hindu dharm.

सनातन धर्म का संछेप में परिचय:

सनातन धर्म का अर्थ है शाश्वत धर्म, यानी सदा के लिए सत्य। सनातन धर्म यानी सदा के लिए रहने वाला , जिसका न ही कोई आरम्भ है और न ही अंत। सनातन धर्म समूचे भारतीय उपमहाद्वीप के मूल है, सत्य के मार्ग को उत्तम बताया गया है यानी ईस्वर , आत्मा और मोक्ष सत्य है। सनातन धर्म को हिन्दू, वैदिक, या आर्य धर्म भी कहते है। सनातन धर्म को हिन्दू धर्म कहने का प्रचलन लगभग 1000 सालो से सुरु हुआ इसके पहले हिन्दू शब्द का प्रचलन नही मिलता। हिन्दू शब्द को सिंधु से जोड़ा जाता है क्योंकि पश्चिम के आक्रमणकर्ता "स" का उच्चारण "ह" से करते है।


सनातन धर्म में जीवन के चारो लक्ष्य धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष में से मोक्ष को सर्वोत्तम लक्ष्य कहा गया है। ब्रह्म और मोक्ष को ही सम्पूर्ण सत्य कहा गया है क्योंकि जन्म और मृत्यु तो मिथ्या है। ऋग्वेद के अनुसार:

"यह पथ सनातन है। समस्त देवता और मनुष्य इसी मार्ग से पैदा हुए हैं तथा प्रगति की है। हे मनुष्यों आप अपने उत्पन्न होने की आधाररूपा अपनी माता को विनष्ट न करें।"

प्राचीन युग मे भारतीय सभय्ता में पांच तरह की परंपरा थी, प्रत्येक परंपरा में किसी एक देवता या देवी का अधिक बढ़ा समझते थे। जैसे वैष्णव परंपरा में भगवान विष्णु, शाक्त परंपरा में देवी आदि शक्ति को, शिव परंपरा में भगवान शिव, गाणपत्य परंपरा में भगवान गणेश, और  सौर में सूर्य देव को बड़ा बताया गया है। परंतु सभी एक ही सत्य की व्याख्या करते थे।
तब सभी ऋषि मुनियों ने यह शिक्षा देना सुरु किया कि सभी देवता समान है और सभी परस्पर एक दूसरे की भक्ति करते है, यह सिद्ध्यान्त वेदों, पुराणो और धर्म ग्रंथो में स्पष्ट व्याख्या करते है। सभी परंपराओं को मिलाकर सनातन धर्म की स्थापना की गई थी।

सनातन धर्म और हिन्दू धर्म:

हिन्दू शब्द विदेशों की देन है, क्योंकि हिन्दू शब्द की व्याख्या कंही भी नही की गई है। सनातन परंपरा और नाम को ही आगे लाने की जरूरत है क्योंकि हिन्दू धर्म को परिभाषित ही नही किया जा सकता। 
कुछ इतिहासकार मानते है की विदेशी लोग "हिन्दू" शब्द का प्रयोग एक समूह के तौर पर करते थे, वह समूह जो हिमालय से लेकर हिन्द महासागर तक मे बसा हुआ है। इसलिए अगर इस विचारधारा को माने तो हिमालय से लेकर सागर तक के वनस्पति तथा सभी जीव भी हिन्दू हुए।
भारतीय उपमहाद्वीप में रहने वाले हिन्दू , सनातन धर्म के सिद्ध्यान्त से समानता रखते है परंतु हिन्दू एक विचारधारा हो सकती है धर्म नही। भले ही आधुनिक समय मे यह अधिक प्रचलित है।

ॐ शब्द की सनातन धर्म मे व्याख्या:



ॐ को सनातन धर्म का सबसे पवित्र शब्द कहा गया है, तथा यह सनातन धर्म का प्रतीक चिन्ह भी है। यही कारण है कि मंत्रों में ॐ शब्द का उपयोग अधिक है।
ऋग्वेद करता है ॐ सर्वत्र व्याप्त परम ब्रह्मा है तथा गुरुनानक देव ने भी कहा है "एक ॐ नाम, सतनाम, करता, पुरख" अर्थात ईस्वर एक है जिसका नाम ॐ है।


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