भारत एक बहुत आध्यात्मिक देश है। यंहा हिन्दू सभ्यता विश्व की सबसे पुरानी सभ्यता है। यह वेदों ,पुराणों, प्राचीन मंदिरों, धार्मिक स्थलों का देश है। भारत के मंदिरों और देवी देवताओं की प्राचीन एवम दुर्लभ कथाये है जिसे यंहा प्रस्तुत किया गया है। आध्यात्मिक कथाये, दुर्लभ कथाये, मंदिरो की कथाये, ज्योतिर्लिंग की कथाये।

06 January, 2019

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा। Rare Story of Nageshwar Jyotirlinga.

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग:

चार धामो में से एक द्वारिका धाम के निकट भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक नागेश्वर ज्योतिर्लिंग है। यह स्थान समय मे दारुक वन के नाम से जाना जाता था। यंहा पर भगवान शिव ने अपने सुप्रिय नामक भक्त की रक्षा के लिए प्रगट हुए थे।

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा:

शिव महापुराण के अनुसार प्राचीन समय मे दारुक और उसकी पत्नी दारुका नाम के राक्षस रहते थे, वो ऋषियो , महात्मयो और आम नागरिकों को परेशान करते थे और पुण्य कर्मों में विघ्न डालते थे।
तब उनको महर्षि और्व ने श्राप दिया कि जब भी यो पुण्य कर्मों में विघ्न डालेंगे तो मृत्यु हो जाएगी। फिर उन लोगो ने समुन्दर में रहने का निश्चय किया।
एक बार जब कुछ लोगो का समूह वंहा से गुजर रहा था तो दारुक में उनको पकड़ लिया और बंदी बना लिया, जिसमे भगवान शिव का परम भक्त सुप्रीय भी था।
दारुक ने उसे कालकोठरी में डाल दिया परन्तु उसकी भक्ति कम नही हुई, और वो काल कोठरी में भी भगवान की भक्ति कर रहा था।
और जब उसने अपनी रक्षा के लिए भोलेनाथ को याद किया भक्तवत्सल भगवान शिव वंहा आये और एक ही प्राहार से दारुक को मार गिराया और अपने भक्त को आज़ाद करवाया।

सारांश Conclusion:

किसी भी परिस्थिति में इंसान को भगवान के प्रति आस्था नही छोड़ना या कम करना चाहिए। क्योंकि भगवान भक्त का साथ नही छोड़ते है और भक्त के बुलावे पर वो श्वम किसी न किसी रूप में आते है।


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