google.com, pub-8785851238242117, DIRECT, f08c47fec0942fa0 हनुमानजी को सिन्दूर क्यों लगते है। Hanuman-Sindoor Story. - पौराणिक दुर्लभ कथाएं

भारत एक बहुत आध्यात्मिक देश है। यंहा हिन्दू सभ्यता विश्व की सबसे पुरानी सभ्यता है। यह वेदों ,पुराणों, प्राचीन मंदिरों, धार्मिक स्थलों का देश है। भारत के मंदिरों और देवी देवताओं की प्राचीन एवम दुर्लभ कथाये है जिसे यंहा प्रस्तुत किया गया है। आध्यात्मिक कथाये, दुर्लभ कथाये, मंदिरो की कथाये, ज्योतिर्लिंग की कथाये।

16 January, 2019

हनुमानजी को सिन्दूर क्यों लगते है। Hanuman-Sindoor Story.

क्या आप जानते है कि हनुमान जी का सिंदूर से क्या संबंध है:

हनुमान जी का सिन्दूर से गहरा नाता रहा है, हम हमेशा बजरंगबली को लाल सिंदूर धारण करते है और हनुमान जी की मूर्ति में सिंदूर चढ़ाते हुए देखा होगा। परंतु इसके पीछे क्या कारण है इसकी भी बड़ी रोचक कथा है:

हनुमान जी महान बल के साथ साथ बुद्धि के ज्ञाता है परंतु भगवान राम और माता सीता के साथ उनकी कई ऐसे प्रसंग है जिससे उनके अंदर चंचलता दिखाई देता है ऐसी ही एक कथा है कि
 "एक बार महाबली हनुमानजी ने माता सीता जी को अपने मस्तक पर सिंदूर लगते हुए देखा तो उनके मन मे जिज्ञासा हुई और उन्होंने माता सीता से प्रश्न किया कि माता आप अपने मस्तक ये लाल पदार्थ क्यों लगती है?

तब माता ने उनको बताया कि पुत्र ये सिंदूर है और बताया कि इसको लगाने से प्रभु की उम्र लंबी होती है और प्रभु राम प्रसन्न होते है।
तो हनुमान जी ने सोचा अगर एक चुटकी भर सिन्दूर लगाने से प्रभु राम की उम्र लंबी होती है और उनको प्रसन्ता होती है, तो अगर मैं पूरे सरीर में बहुत सारा सिंदूर लगा लूँगा तो भगवान की उम्र लंबी होगी और उनको बहुत प्रसन्ता होगी।
अतः उन्होंने ऐसा ही किया और पूरे सरीर में सिंदूर लगा कर प्रभु राम के पास गए। श्रीराम के पूछने पर उन्होंने सारी बात बताई तब प्रभु श्रीराम बहुत खुश हुए और अमरत्व का बरदान दिया।

सारांश Conclusion 

अतः मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की मूर्ति में सिंदूर लगाने की प्रथा है। हनुमान जी सिद्धीओ के दाता है और ग्रह दोष , शनि दोष और वास्तु दोष को दूर करते है।


तो दोस्तो आपको ये कथा कैसी लगी अपने सुझाव दे और शेयर करे।


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